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Mission OTA

This poem was written for Nanhe by Maggi. Now Nanhe wont be able to write post for few months.

Wishing Nanhe all the best for his Mission OTA Chennai.

लक्ष्य को जो तुमने पहचाना है
कदम उसे हासिल करने तुम्हे बढ़ाना है

ना रुकना कही राह में
ना थकना कही मझधार में
ना झुकना कभी हार के
ना टूटना कभी मार से
वतन के दुश्मनों को
सबक तुम्हे सिखाना है
उनकी हर ईट का जवाब
पत्थर से तुम्हे देना है

मंजिल पर नज़र तुम्हारी
जो गड़ जाए
नहीं कोई शक्ति बनी
जो तुम्हे उसे दूर कर पाए

करो एकाग्र अपना मन्
बांधो सर पर कफ़न
रौंदते हुए हर कठिनायी को
तुम्हे आगे बढ़ते जाना है

लक्ष्य को जो तुमने पहचाना है
कदम उसे हासिल करने तुम्हे बढ़ाना है