Monthly Archives: September 2012

Hindi Poem: Jabse Tum Jeevan Mein Aa Gayi!

जीवन के २३ बसंत वीराने में गुजरने के बाद
अचानक से आ गयी बहार
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी

दिल में उथल-पुथल मच गयी
हर पल सिर्फ तुम्हारा ख्याल
था एक गज़ब का एहसास
तेरी चाहत रातों कि नींदे चुरा ले गयी
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी
तेरे साथ समय बीतता गया
मैं तेरा दीवाना बनता चला गया
अपनी किस्मत कहूं या रब का करम
कि मेरी तुमसे मुलाक़ात हो गयी
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी
जैसे जैसे सूरज चढ़ता गया
तेरे लिए प्यार और भी गहरा होता गया
शुरूआती पसंद मुहब्बत में तब्दील हो गयी
और ये मुहब्बत मीठा मर्ज़ दे गयी
जब से तुम जीवन में आ गयी
तेरे संग जो सपने संजोये हैं
उसे हकीकत करना है
मेरे जीवन में खुशियों के रंग बरसा गयी
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी!!!

This poem is for especial person on occasion of her birthday on 01-10-12 :)

Logo_Ris

Hindi Poem: Khud Ko haara mehsoos karta hoon!

न जाने क्यूँ ऐसा प्रतीत होता है
जीवन एक दौड़ के सिवा कुछ भी नहीं है
हर व्यक्ति एक धावक है
वो जीतने के लिए कुछ भी कर सकता है
ये दौड़ है – औरों से आगे निकलने की
पर इस दौड़ को कोई अंत नहीं है
शायद इसी लिए आज हमारे मुख पर कृत्रिम मुस्कान है
आस-पास सब कुछ अनैसर्गिक है
स्वार्थपरता इतनी बढ़ गयी है
की अपने आगे हम किसी को देख ही नहीं पाते
खुद की सम्पन्नता से ज्यादा हमें औरों की असफलता की ख़ुशी है
किसी और का दर्द, दुःख, मजबूरी हमें सताता नहीं है
गैरों की बात क्या, इस दौड़ में अपने पीछे छूट रहे हैं
और हम अंधों की तरह माला के मोती तोड़ते जा रहे हैं
अनुराग और अदब भूल गए हैं
रिश्ते नाते सफलता की सीढ़ी के लिए कुर्बान कर रहे हैं
पैसे कमाने की भूख ने हमें भावशून्य कर दिया है
ये सामाजिक पतन का सूचक है
नैतिकता अब हमारे यहाँ घर करती नहीं
यथार्थ जीवन में स्नेह एवं भावना खो गयी है
एहिक जीवन की चाह में हम तन्हा रह गए हैं
समय के अभाव में सारे बंधन कमज़ोर पड़ रहे हैं
इतना खोने की बाद भी हमें कहाँ जाना है इसका इल्म नहीं है
पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो सोचता हूँ
इतना पाने के बाद भी जीवन नीरस है
इस आप-धापी में कागज़ के टुकड़े तो बहुत जुटाए
तमन्ना थी सच्ची ख़ुशी पाने की पर वो कहीं रूठ गयी
अब तो बस अकेलापन और उदासीनता मन में बसर करती है
भटक गया हूँ सांसारिक सुख को ग्रहण करने की लालसा में
मैं शतरंज की बिसात का वो राजा हूँ जो अपनों को खो चुका है
अपना दायित्व और कर्तव्य न निभा पाने का दर्द
अब शूल की तरह कलेजे को भेदता है
चाह कर भी अब हालात बदल नहीं सकता हूँ
व्यर्थ के लौकिक आनंद में अनासक्त हो गया हूँ
इतना पाने के बावजूद इस दौड़ में खुद को हारा महसूस करता हूँ
खुद को हारा महसूस करता हूँ….. खुद को हारा महसूस करता हूँ…..

Logo_Ris

Hindi Poem: Sherlyn, Poonam aur Sunny ki Jai!!

Bahut dino baad kal ek “sanskritic” samaroh mein sammilit hua
Karyakram dekhne upraant hatprabh reh gaya
kalakaron ka hunar kaabil-e-tareef tha
Aisa sama baandha ki har koi apni jagah par chipak gaya
kalakaron ne apna parichay karwaya aur bahut gyaan baanta
Poonam ne bharat ko Cricket mein champion banaya
Sherlyn ki playboy mein chapi tasveeron ne bharat ka naam roshan kiya
Sunny ne videsh mein rehte hue bollywood ke director ka dhyaan aakarshit kiya
unhone bataya ki kaise unhone apni numaaish kar kaamyabi ka “shikhar” chua
aur kaise wo nagnta failaate hue gaurvanvit mehsoos karti hain
jyon jyon Sherlyn, Poonam aur Sunny ne apna vastra-haran kiya
tyon tyon imaan dolne laga
do pal ka saath paane ka swapn dil paalne laga
aisa pradarshan ki prekshagrah mein sannata pasar gaya
pal do pal ki hulchal aur fir shithilta cha gayi
par baanvra mann abhi bhi lalaayit tha
kya kahein doston, kya nazaara tha
banaane waale ne husn to diya in “adarsh naariyon” ko
par gairat dena bhool gaya
lekin isi bahaane hamara bhala ho gaya!!

Logo_Ris

Motivational Hindi Poem: Kiya tha Agaaz hausle ke saath!

किया था आगाज़ हौसले के साथ
हर चुनौती को देते गए तुम जवाब
मंजिल का लम्बा सफ़र
रास्तो के पत्थर को पार करते हुए
आज इतने करीब पहुँच कर
तू थक नहीं सकता
बहुत पड़े हैं थपेड़े किन्तु
संकल्प शिथिल नहीं पड़ सकता
पुनः विजय निश्चय करना है
किया था आगाज़ हौसले के साथ
अंजाम को आगाज़ से भी भव्य करना है!!

Logo_Ris

Hindi Poem: Desh Bech Khayenge!

walmart-tesco-carrefour-indiaभारत  नीलामी  का  इरादा  जबसे  पक्का किया  है
महामौन सिंह  के  मुख  से  अलफ़ाज़  निकलने  लगे  हैं
Walmart Carrefour Tesco के  भारत  प्रवेश  के  लिए  कुछ  भी  कर  जायेंगे
ज़रुरत  पड़ी  तो  भारत  बेच  खायेंगे
हमने  लूटा  तो  बहुत  पर  भूख अभी बाकी है
कोयले  की  खदानों  से  निकला  धन  अभी  नाकाफी  है
अब  तो  reforms के  नाम  पर  चपत  लगायेंगे
विदेशी  कम्पनियों  से  dollar  में  कमाएंगे
जहन्नुम  में  जाए  देश  हम  तो  अमेरिका  का  पकड़  कर  हिलाएंगे
लोग  एक  दो  महीने  सड़क  पर  मोर्चा  निकालेंगे  फिर  adjust हो  जायेंगे
हर  बार  की  तरह  इस  बार  भी  कुछ  नहीं  होगा
यही  सोचकर  सभी  अपने  घर  में  दुबक  कर  रह  जायेंगे
मीडिया  वाले  वाद -विवाद  प्रतियोगिता  करवा  कर  TRP बढ़ाएंगे
लेकिन समाधान नहीं बता पायेंगे
और  इंडिया  की  हालत  को  गाली  देते हुए  चुप-चाप  रह  जायेंगे
पर  अपनी  comfort zone से  बहार  हम  कभी  नहीं  आयेंगे
जिनको  अभी  भी  फर्क  नहीं  पड़ता  वो  क्या  घंटा  देश  बनायेंगे
चलिए  अब  बहुत  वक़्त  ज़ाया  हो  गया  अब  अमेरिका  में  ही  स्वतंत्रता  दिवस  मनाएंगे!!

Logo_Ris

Hindi Poem: Dekh Congress Ne kya Haal Kar Diya!

देख  कांग्रेस  ने  क्या  हाल  कर  दिया  मेरे  देश  का
भ्रष्टाचार  में  नया  रिकॉर्ड  कायम  कर  दिया
खाने  के  बाद  कहते  हैं  हमने  तो  खाया  नहीं
सभी  प्रमाणों  को  नकार  दिया
अरे  भैया! इतना  पैसा  लूटने  की  आजादी  इनको  किसने  दी
एक के बाद  एक  घोटालों  ने  तो  इनकी  पोल  खोल  दी
फिर  भी  इनके  तेवर  ढीले  नहीं  पड़े
पड़ते  भी  क्यूँ  जब  सबने  मिलकर  काम किया  है
जब  प्रश्न  पूछो  तो  कहते  हैं  हम तो  पाक  है
इस  सरकार  ने  हमें  मूर्ख  समझा  है
तभी  तो  इतने  आंदोलनों  के  बाद  भी  इनको  जन  भावना  समझ  नहीं  आई  है
इनकी  खिलाफत  जिसने  की  उसे  जेल  भेजा  लाठी चार्ज  किया  twiiter/facebook के  account बंद  किया
पूरी  ताक़त  झोंख  दी  अपनी  नाकामी  छुपाने  में
बावजूद  इसके, घोटालों  पर  मनमोहन  का  मुख  नहीं  खुलता  है
“मेरी  ख़ामोशी  बेहतर  है” का  जुमला  सुनने  को  बस  मिलता  है
नहीं  मानेंगे  की  असम हिंसा  की  वजह  है  क्या
हर  चीज़  का  ठीकरा  RSS aur Pakistan के  सर  पर  फोड़ेंगे
अब  तो  यही  समझाएं  की  economy का  बंटाधार  कैसे  हुआ
कोयला  आवंटन  में  सबका  क्या  योगदान  रहा
कांग्रेस  का  पंजा  अब  भारत  माँ  को छलनी कर  रहा  है
नहीं  सहा  जाएगा  ये अत्याचार
सुनो  मेरे  साथियों , मात्रभूमि  की  वेदना  सुनो
चारों दिशाओं  से  निकली  आहें  बर्बाद  नहीं  जायेंगी
अगले  चुनाव  में  कांग्रेस  का  पतन  की  वजह  बन  जायेंगी
नहीं  चाहिए  वो  सरकार जिसने
हर  कदम  पर  घुटने  टेक  दिया
वोट और नोट  की  खातिर  मुल्क  बेच  दिया!!!
Logo_Ris