Category Archives: Poems

Hindi Poem: नज़रें तो तुम्हारी झुकती हैं!

तुम  खुश  हो  मेरी  आँखों  को  आंसू  दे  कर
दामन  किसी  और  का  थाम  कर
हम  खुश  है  तुम्हारी  असलियत  देख  कर
किये  थे  जो  तुमने  हमसे  वादे  कभी
आज  वो  वादे  किसी  और  से  करता  देख  कर
कैसे  बदलती  है  नियत  लौंडिया  की
जीवन  के  इस  अनुभव  को  देख  कर
पर  जिंदगी  वो  प्रेम  गीत  नहीं
बर्बाद  कर  दी  जाए  तुझ  जैसी  पर
हम  तो  आज  भी  चलते  हैं  उसी  टशन  से
नज़रें  तो  तुम्हारी  झुकती  हैं  हमारी  एक  आहट  पर
शर्मसार  हो  जाती  हो  मेरे  एक  ख्याल  पर!

तुम  खुश  हो  मेरी  आँखों  को  आंसू  दे  कर

दामन  किसी  और  का  थाम  कर

हम  खुश  है  तुम्हारी  असलियत  देख  कर

किये  थे  जो  तुमने  हमसे  वादे  कभी

आज  वो  वादे  किसी  और  से  करता  देख  कर

कैसे  बदलती  है  नियत  लड़की   की

जीवन  के  इस  अनुभव  को  देख  कर

पर  जिंदगी  वो  प्रेम  गीत  नहीं

बर्बाद  कर  दी  जाए  तुझ  जैसी  पर

हम  तो  आज  भी  चलते  हैं  उसी  टशन  से

नज़रें  तो  तुम्हारी  झुकती  हैं  हमारी  एक  आहट  पर

शर्मसार  हो  जाती  हो  मेरे  एक  ख्याल  पर!

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Hindi Poem: तेरे बिन ज़िन्दगी अधूरी है !!

आज दिल बेकरार है
सिर्फ तेरा ही ख्याल है
एक बार फिर उमड़ पड़ा
तेरे लिए मेरे प्यार का सैलाब है!!


याद आता है तेरे संग बिताये हसीन पल
कर देता है मेरा मन प्रफुल
तेरे लबों कि वो मिठास
बाँहों में तेरे सुकून का एहसास!!


जीवन में आई है बहार
तेरे आने से
अब तो यही दुआ है रब से
बन जाओ तुम मेरी, बस मेरी
नहीं कोई परवाह इस ज़माने से!!


लगता है हर लम्हा अब तेरे बिन भारी है
आँखों में बसी सिर्फ तेरी सूरत प्यारी है
मिट जाए अब जो ये दूरी है
तेरे बिन मेरी ज़िन्दगी अधूरी है!!!

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Hindi Poem: Ab to Faisla Hoga!

आज तुम चली गयी

जाते जाते हमें अन्दर तक झकझोर गयी
सोई हुई पीढ़ी को फिर से जगा गयी
हिजड़ो से भरी सरकार में साहस नहीं
आश्वासन से मनमोहन नहीं होगा
अब तो खुद ही आगे बढ़ना है
एक दूसरे की हिम्मत बनना है
ज्योत से ज्योत जलाना है
एक नया समाज बनाना है
नहीं थमेगा ये कारवां
जब तक इन्साफ नहीं होगा
माँ-बहने जब तक महफूज़ नहीं
क्रोध ये शांत नहीं होगा
तूफ़ान जो अब इस सीने में उमड़ा है
अब वो सैलाब बन कर रहेगा
करने पड़े चाहे जितने जतन
अब तो फैसला हो कर रहेगा

This poem is in memory of “Amanat” who has become the symbol of new awakening in India. RIP sister. We will ensure that your sacrifice does not goes in vain.

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Hindi Poem: Ab Hausla Kam nahi Hoga!

This poem is dedicated to all the protesters who have decided to come out on road demanding stringent action against the rapists in Delhi gang rape case. This fight is now more about the government’s and police apathy and seriousness with which crime of rape is dealt with in our country.

हक के लिए फिर शंखनाद होगा
सड़को पर फिर लोगों का हुजूम होगा
कर ले सरकार सारी तैयारी
अब तो फैसला हो कर रहेगा

जा रहा हूँ मैं अपना अधिकार मांगने
चल जाए लाठी या आंसू गैस के गोले
सच के लिए अब हर बलिदान होगा

महामहिम और महामौन, चुप्पी से काम नहीं होगा
देखते हैं कब तक चेहरा छिपा सकते हैं ये सियासतदान
हमारा हौसला अब कम न होगा

इस बार विकल्प कोई और नहीं है
माताओं और बहनों की इज्ज़त से बढ़कर कुछ और नहीं है
खादी और खाकी की साठ-गांठ का
अब असर हम पर नहीं होगा

अबकी उदासीनता दिखी तो
लहू ये और उत्तेजित होगा
सीने की ज्वाला भड़केगी
हिंसा-अहिंसा के पाठ का कोई फायदा नहीं होगा

कर ले सरकार सारी तैयारी
अब तो फैसला हो कर रहेगा

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Hindi Poem: Kyun Ishq ne Dard Diya!

कल  यूही  बातो  बात  में  चैम्प से  discussion हुआ .
क्यों  इश्क  ने  लौंडे  को  ही  दर्द  दिया
पन्ने  पलट  के  भी  देखा, बेवफा  वही थी
गीत  में, कविता  में,  ग़ज़ल  में  बेवफा  वही  थी
वो  तो  भटकता  ही  रहा,  कहानी  हर  बार  की  यही  थी
लौडिया  की  बेवफाई  ने  बहुतो को रुलाया
हम  तो  गम  में  पूरी  तरह  डूबे  भी  नहीं थे
और  उसकी  शादी  का निमंत्रण पत्र  आया

अश्को  की  माला  लौंडे  को  पहनाते  हुए
हंस  कर  घर  किसी  और  के  साथ  बसाया
लौंडिया  बहुत  कमीनी  होती  है
प्यार  की  कसमे  तो  एक  के  साथ  खाती  है
साथ  ही  साथ  back up plan बनाती  है
जूनून  से  लौंडा  ही  मोहब्बत  करता  है
लेकिन  अब ये  हो  नहीं  सकता  कह  कर
लौंडे  को  केला  दे  कर  निकल  जाती  है
Champ ने  शोध  को  आगे  बढाया  तो  नतीजे  में  ये  पाया
लौंडिया  को  पता  है  एक  गया  तो  दूजा आया
liquid ने  प्यार  के  पंचनामा  में  भी  यही  बताया
लौंडिया  ने  तो  सिर्फ  अपना  timepass किया  और  अपनी  market value को  बढाया
चूतिया  तो  वो  लौंडा  था  जो  सच्चाई  भांप  न  पाया
बात  जब  करनी  चाहे  उससे  तो  उसका  नया नया fiance बीच  में  आया
इश्क  के  चक्कर  में  अपना  सब  कुछ  लुटा  आया
पारो सदा  रही  महलों  में  और  देवदास  ने  सड़क  पर  जान गंवाया

एक लौंडिया के लिए तो यही बात सच है
Men are a luxury, not a necessity!!
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Hindi Poem: Life mein Gugly!!

life भी  ऐसी  गुगली  देती  है
जब  लगा  बात  बन  गयी
तभी  पता  चला  की  बात  तो  निपट  गयी
चार  साल  तक  जिस  माला  को  पिरोया
वो  चंद  ही  घंटो  में  बिखर   गया
और  नन्हे  का  नाम  भी  हारे  हुए  आशिकों  की  लिस्ट  में  जुड़  गया
“Baby, i love you” से  “My wedding is fixed” का  सफ़र  तय  करने  में
उसे  सिर्फ  ७२  घंटे  लगे, शायद  T20 world cup का  असर  था
“God is with us” की  वो  बातें  अब  चेहरे  पर  मुस्कराहट  लाती  है
बुड्ढे  ने  भी  ऐसा  गेम  खेला  की  बेटी  को  emotional अत्त्याचार  से  फंसा  लिया
वो  कितनी  भी  normal होने  की  बात  करले
पर  नन्हे  जानता  है  की  ये  उतना  आसान  नहीं
मजबूरी  में  वो  फंस  गयी  और  अपनी  ख्वाहिश  को  दबा  दिया
नन्हे  को  तो  केला  मिला  ही  पर  उसे  कोई  शिकायत  नहीं
ग़ालिब  ने  कहा  था  “सिर्फ  पाने  का  मतलब  प्यार  नहीं “
दुःख  इसका  नहीं  की  लड़की  चली  गयी  but property हाथ  से  निकल  गयी
नन्हे  के  दिल  को  एक  बार  धक्का  तो  लगा
कुछ  देर  मुकेश  के  दर्द  भरे  नगमे  का  सहारा  लिया
फिर  सब  normal हो  गया
बंधन  से  छूटने  के  बाद  वो  एक  आजाद  पंछी  है
तुरंत  fb पर  status “Single” कर  दिया
नन्हे  मार्केट  में  फिर  से  उपलब्ध  है
वैसे  भी  recruiters freshers नहीं  experience मांगते  हैं
अब  तो  अच्छी  deal मिलनी  चाहिए
यही  सोच  कर  नन्हे  मस्त  है
ज़िन्दगी  रूकती  नहीं  किसी  के  जाने  के  बाद
आज  वो  शहर  की  गलियों  में  goggles लगा  कर  निकलेगा
कुड़ियों  को  जी  भर  के  बेपरवाह  ताड़ेगा
आज  फिर  किस्मत  पर  दांव  लगेगा
क्या  पता  वो  आज  फिर  से  दिल  हार  बैठेगा!!!

Watch out girls, Nanhe is back………

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Hindi Poem: Jabse Tum Jeevan Mein Aa Gayi!

जीवन के २३ बसंत वीराने में गुजरने के बाद
अचानक से आ गयी बहार
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी

दिल में उथल-पुथल मच गयी
हर पल सिर्फ तुम्हारा ख्याल
था एक गज़ब का एहसास
तेरी चाहत रातों कि नींदे चुरा ले गयी
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी
तेरे साथ समय बीतता गया
मैं तेरा दीवाना बनता चला गया
अपनी किस्मत कहूं या रब का करम
कि मेरी तुमसे मुलाक़ात हो गयी
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी
जैसे जैसे सूरज चढ़ता गया
तेरे लिए प्यार और भी गहरा होता गया
शुरूआती पसंद मुहब्बत में तब्दील हो गयी
और ये मुहब्बत मीठा मर्ज़ दे गयी
जब से तुम जीवन में आ गयी
तेरे संग जो सपने संजोये हैं
उसे हकीकत करना है
मेरे जीवन में खुशियों के रंग बरसा गयी
जब से तुम मेरे जीवन में आ गयी!!!

This poem is for especial person on occasion of her birthday on 01-10-12 :)

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Hindi Poem: Khud Ko haara mehsoos karta hoon!

न जाने क्यूँ ऐसा प्रतीत होता है
जीवन एक दौड़ के सिवा कुछ भी नहीं है
हर व्यक्ति एक धावक है
वो जीतने के लिए कुछ भी कर सकता है
ये दौड़ है – औरों से आगे निकलने की
पर इस दौड़ को कोई अंत नहीं है
शायद इसी लिए आज हमारे मुख पर कृत्रिम मुस्कान है
आस-पास सब कुछ अनैसर्गिक है
स्वार्थपरता इतनी बढ़ गयी है
की अपने आगे हम किसी को देख ही नहीं पाते
खुद की सम्पन्नता से ज्यादा हमें औरों की असफलता की ख़ुशी है
किसी और का दर्द, दुःख, मजबूरी हमें सताता नहीं है
गैरों की बात क्या, इस दौड़ में अपने पीछे छूट रहे हैं
और हम अंधों की तरह माला के मोती तोड़ते जा रहे हैं
अनुराग और अदब भूल गए हैं
रिश्ते नाते सफलता की सीढ़ी के लिए कुर्बान कर रहे हैं
पैसे कमाने की भूख ने हमें भावशून्य कर दिया है
ये सामाजिक पतन का सूचक है
नैतिकता अब हमारे यहाँ घर करती नहीं
यथार्थ जीवन में स्नेह एवं भावना खो गयी है
एहिक जीवन की चाह में हम तन्हा रह गए हैं
समय के अभाव में सारे बंधन कमज़ोर पड़ रहे हैं
इतना खोने की बाद भी हमें कहाँ जाना है इसका इल्म नहीं है
पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो सोचता हूँ
इतना पाने के बाद भी जीवन नीरस है
इस आप-धापी में कागज़ के टुकड़े तो बहुत जुटाए
तमन्ना थी सच्ची ख़ुशी पाने की पर वो कहीं रूठ गयी
अब तो बस अकेलापन और उदासीनता मन में बसर करती है
भटक गया हूँ सांसारिक सुख को ग्रहण करने की लालसा में
मैं शतरंज की बिसात का वो राजा हूँ जो अपनों को खो चुका है
अपना दायित्व और कर्तव्य न निभा पाने का दर्द
अब शूल की तरह कलेजे को भेदता है
चाह कर भी अब हालात बदल नहीं सकता हूँ
व्यर्थ के लौकिक आनंद में अनासक्त हो गया हूँ
इतना पाने के बावजूद इस दौड़ में खुद को हारा महसूस करता हूँ
खुद को हारा महसूस करता हूँ….. खुद को हारा महसूस करता हूँ…..

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Motivational Hindi Poem: Kiya tha Agaaz hausle ke saath!

किया था आगाज़ हौसले के साथ
हर चुनौती को देते गए तुम जवाब
मंजिल का लम्बा सफ़र
रास्तो के पत्थर को पार करते हुए
आज इतने करीब पहुँच कर
तू थक नहीं सकता
बहुत पड़े हैं थपेड़े किन्तु
संकल्प शिथिल नहीं पड़ सकता
पुनः विजय निश्चय करना है
किया था आगाज़ हौसले के साथ
अंजाम को आगाज़ से भी भव्य करना है!!

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