Hindi Poem: Let this Diwali be Different

आओ  इस  दीपावली  कुछ  नया  करें

आओ  इस  दीपावली  कुछ  नया  करें
४  फुलझड़ी  कम  जालयें
उस  कीमत  से
दो  घर  और  रोशन  करें

दीपों  की  जगमगाहट  में
ज़रा  ख्याल  इसका  करें
पर्यावरण  को  नुकसान  कम  से  कम  करें

खुशियों  के  इस  पर्व  में
इक  पल  आँखें  नम करें
याद  शहीदों  के  बलिदान  को  करें
दो  दीप  उनके  लिए  प्रज्ज्वलित  करें

समाज  के  उद्धार  के  लिए  पयत्न  करें
फैली  बुराइयों  का अंत  करें
राष्ट्रीयता  को  अपने  अन्दर  घर  करें
आओ  इस  दीपावली  कुछ  नया  करें !!!!

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