Hindi Poem: ज़िन्दगी एक कभी न खत्म होने वाली आस है!

ज़िन्दगी  एक  कभी  न  खत्म होने  वाली  आस  है
आज  जब  तू  कामयाबी के शिखर  पर  विराज  है
लगता  है  पूरी  भीड़  को  तुम  पर  नाज  है
पर  याद  रहे  भीड़  के  बहाव  में  कभी  बह  मत  जाना
क्यूंकि  यहीं  तो  छिपा  हुआ  असल  खेल  है
आज  जो  तेरे  साथ  हैं
कल  वही  मुझे  खड़े  दिखते  तेरे  खिलाफ़  है
फिर  तो  ज़िन्दगी  का  भी  यही  उसूल  है
उगते  सूरज  को  सभी  का  सलाम  है
ऊपर से नीचे तक सब तेरे कदरदान हैं
जो  कठिन  घड़ी  में   तेरे  साथ  खड़े  हैं
वही  तेरे  लिए  सबसे  ख़ास  हैं
मत  सोच  लोग  क्या  कहेंगे  या  सोचेंगे
इनके  लिए  तो  सब किस्सा कहानी और  उपहास  है
बढ़ता  चल  उस  राह  पर  जहाँ  तेरी  मंजिल  है
थकेगा  गिरेगा  उठेगा  फिर  चलेगा  बेपरवाह
की  सबके  मुख  पर  तेरे  लिए  क्या  बात  है
ज़िन्दगी  एक  कभी  न  खत्म  होने  वाली  आस  है …..
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