Motivational Hindi Poem: Kiya tha Agaaz hausle ke saath!

किया था आगाज़ हौसले के साथ
हर चुनौती को देते गए तुम जवाब
मंजिल का लम्बा सफ़र
रास्तो के पत्थर को पार करते हुए
आज इतने करीब पहुँच कर
तू थक नहीं सकता
बहुत पड़े हैं थपेड़े किन्तु
संकल्प शिथिल नहीं पड़ सकता
पुनः विजय निश्चय करना है
किया था आगाज़ हौसले के साथ
अंजाम को आगाज़ से भी भव्य करना है!!

Logo_Ris

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *